कविता" मेरी बहना"




मेरी बहना

मेरी बहना बड़ी  ही प्यारी
दूजी ना होगी  दुनिया  मे सारी
वो तो  है मेरे  घर की  चिड़िया  
करती  बातें बढ़िया बढि़या  
मन है उसका बहुत ही  चंचल 
जीते चुटकी  में  सबका दिल 
वैसे तो  है वो घर  में  छोटी 
उसके  बिन मुश्किल हल न होती 
कभी  तो  लगे दया की  मूरत 
दीनों हीनों की  है  करती मदद 
लाडली है मम्मी  पापा की 
चांदनी  है वो  घर  अँगना की 
आज तो  है वो शुभ दिन  आया
उसने था  जब  जीवन  पाया 
देती हूं जन्म दिन की  बधाई 
दुख न छुऐ उसकी  परछाई 
रहे सलामत सालों साल 
मिलता  रहे सभी  का प्यार ।

अर्चना

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