राम आए हैं । भगवान राम पर एक गीत

राम आए हैं । भगवान राम पर एक गीत 

भगवान राम पर एक गीत


 आज है प्रकृति का कण कण  खिला खिला 

आज नाचता पवन है आज झूमती धरा 

राम आए हैं राम आए हैं 

राम आए हैं हमारे राम आए हैं 

राम आए हैं राम आए हैं 

राम आए हैं हमारे प्राण आए हैं 

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जिनके इंतज़ार में थी हर लहर हर नदी 

जिनकी एक झलक को बेक़रार हो रहा रवि 

आज मुस्कुराए हैं मुस्कुराएँ हैं 

मुस्कुराएँ हैं आज राम आए हैं 

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जिनके इंतज़ार में थी हर दिशा हर घटा 

जिनकी बोली सुनने को पपीहा कब से बावरा 

आज सब गाएँ हैं सब गाएँ 

 सब गाएँ हैं गीत मंगल के देखो  आज  सब गाएँ हैं 

क्यूँकि राम आए हैं  राम आए हैं 

राम आए हैं हमारे प्राण आए हैं 

 


जिसका मुझे था इंतज़ार ,वो शुभ दिन आया है

 

जिसका मुझे था इंतज़ार ,वो शुभ दिन आया है 

मुझे चौदह बरस के बाद प्रभु से मिलवाया है 

जिसका मुझे था इंतज़ार ,वो शुभ दिन आया है 

मुझे चौदह बरस के बाद प्रभु से मिलवाया है 

अब नहीं रकते पाँव  ज़मीन पे 

अब नहीं रकते पाँव  ज़मीन पे 

नैना टिके  हैं सिर्फ़ उन्ही पे 

नैना टिके हैं सिर्फ़ उन्ही पे 

अब  हुआ मेरा  उद्धार,वो शुभ दिन आया है 

मुझे चौदह बरस के बाद प्रभु से मिलवाया है 

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चुन -चुन पुष्प  मैंने माला बनाई 

चुन -चुन पुष्प  मैंने माला बनाई 

दीपक से राहें भी सजाईं 

दीपक से राहें भी सजाईं 

आज पाई अनोखी  सौग़ात वो शुभ दिन आया है 

मुझे चौदह बरस के बाद प्रभु से मिलवाया है 

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आज अवध में बजे शहनाई 

आज अवध में बजे शहनाई 

होके दीवाने नाचे लोग लुगाई 

होके दीवाने नाचे लोग लुगाई 

खुश हैं धरती आकाश वो शुभ दिन आया है 

मुझे चौदह बरस के बाद प्रभु से मिलवाया है 










अपनी छब बनाई के ,

 

अपनी छब बनाई के ,जो मैं पी के पास गयी 

जब छब देखी पिहु की 

जब छब देखी पिहु की 

खुद अपनी भूल गयी 

 अपनी छब बनाई के जो मैं पी के पास  गयी 


वो ही तन में,वो ही मन में , वो ही हैं दिल की धड़कन में 

वो ही तन में,वो ही मन में , वो ही हैं दिल की धड़कन में 

जब उनको ना देखूँ तो लगता है जीना भी मरने 

उनको मैं बतलाऊँ कैसे ,उनको मैं बतलाऊँ कैसे 

वो हैं दीया मैं बाती 

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वो ही चूड़ी वो ही पायल ,वो ही हैं आँखों का काजल 

वो ही चूड़ी वो ही पायल ,वो ही हैं आँखों का काजल 

उन से ही शृंगार सभी और वो ही करें नैनों से घायल 

उनको में बतलाऊँ कैसे , उनको में बतलाऊँ कैसे 

वो हैं  बादल मैं बिज़ूरी 

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वो ही साथी वो ही हमदम ,वो ही हैं होठों की सरगम 

वो ही साथी वो ही हमदम ,वो ही हैं होठों की सरगम 

जब मैं कोई दर्द छुपाऊँ ,उनकी नज़रें पढ़ लें एकदम 

उनको मैं बतलाऊँ कैसे , उनको मैं बतलाऊँ कैसे 

वो हैं फूल मैं तितली 

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