आज बजे है शहनाई


आज बजे है शहनाई 
बेला मिलन की है आई 
मिल के दें सब बधाई 
रुत ख़ुशियों की छाई 

देखो कैसे जचता है
बन-ठन के दूल्हा  
घोड़ी चढ़ा है और बांधा है सहरा 
बुआ और चाची ले रही हैं बलाएं 
बहने भी देखो जम के ठुमके लगाएँ -३

आज बजे है शहनाई ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ ख़ुशियों की छाई 

देखो कैसे छुप- छुप के 
दुल्हन मुस्काए  
मन की ख़ुशी आज पूरी चेहरे पे आई  
बारी - बारी सारी सखियाँ छेड़ने को आएँ  
स्वागत में मम्मी - पापा पलकें बिछाएं -३

आज बजे है शहनाई ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ ख़ुशियों की छाई 
 



                                                







आने वाला है नया साल



 आज की रात को 

हम सब जगेगें 

पूरी रात मिल के डिस्को करेंगे 

क्यूँकि आने वाला है

आने वाला है

आने वाला है नया साल 

।।।।।।।

चाहे हो सिंगल या फिर हो कपल 

मस्ती करनी है 

छोड़ो सारे ट्रबल 

बस दिल से दिल मिलाओ 

थोड़ा सा मुस्कुराओ 

जो भी तुमको दिखे 

उसे प्यारी सी झप्पी पाओ  

प्यारी सी झप्पी पाओ

प्यारी सी झप्पी पाओ

क्यूँकि आने वाला है

आने वाला है 

आने वाला है नया साल 

।।।।।।।

कोई बहाना तुम ना बनाना 

चाहे तो मम्मी - डेडी 

दोनो को लाना 

                                                                        बेफिक्र बनेंगे हम

                                                                       सब भूल जाएंगे ग़म 

हम तब तक नाचेंगे 

जब तक फ़्लोर में होगा दम 

हाँ - फ़्लोर में होगा दम 

हो - फ़्लोर में होगा दम 

क्यूँकि आने वाला है

आने वाला है 

आने वाला है नया साल

 आने वाला है नया साल

आने वाला है नया साल

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आज की रात को 


राधा - राधा रटना सुबह और शाम



 राधा - राधा रटना सुबह और शाम 
 बाँके बिहरी का बस यही काम 
ये जग करता है जिनको प्रणाम 
वो तो हैं राधे के ग़ुलाम 
हाँ ,वो तो हैं राधे के ग़ुलाम - ३

जब देखो कान्हा के नैना 
राधा बिन नहीं इनको चैना -२
हो जब देखो कान्हा के नैना 
राधा बिन नहीं इनको चैना 
इनकी मुरली भी, इनकी मुरली भी,छेड़े है राधा की तान 
वो तो हैं राधे के ग़ुलाम - ३

                                       जब देखो कान्हा की सूरत 
                                        दिखती है राधा की मूरत -२
                                        जब देखो कान्हा की सूरत
                                        दिखती है राधा की मूरत
                 हो इनकी बातों में, इनकी बातों में होता किशोरी का बखान  
                                        वो तो हैं राधे के ग़ुलाम -३