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यह ब्लॉग नई और रोचक हिन्दी भाषा की कविताओं ,भजनों,गीतों इत्यादि से सुसज्जित है|सभी कृतियां मेरे द्वारा लिखित हैं और इनका कहीं भी प्रकाशन अवैध है | कुछ चित्रों को गूगल इमेजेस से लिया गया है | लेखिका : अर्चना

कुछ बाबाजी

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  "कुछ बाबाजी" भोले - भाले लोगों को  कुछ बाबाजी रोज हैं ठगते साइन्स के कुछ प्रयोग  दिखाके खुद को भगवान बताया करते पर अंदर से ये बह...

किस तरफ़ चला इंसान

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  किस तरफ़ चला इंसान,ये किस तरफ़ चला इंसान बना रहा शमशान हाँ हर जगह बना रहा रहा शमशान   थोड़ा वर्चस्व बनाने को थोड़ा अपनी सत्ता बढ़ाने को  ल...

तेरी दोस्ती का सहारा ।एक अहसासभरी कविता

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  तेरी दोस्ती का सहारा । एक अहसास भरी कविता  जब मैं था ग़मों से हारा  दिल तोड़ अपनों ने किया किनारा तब तू आया जीवन में लेकर तेरी दोस्ती का स...
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